अनूपपुर। जिले के पुष्पराजगढ़ इलाके में कुछ दिन पहले जो हुआ, उसने पुलिस महकमे को हिला दिया था। रात के सन्नाटे में सरई चौकी पर हमला, एसआई मंगला दुबे से मारपीट और फिर उनकी सर्विस रिवाल्वर लूट—यह सिर्फ एक वारदात नहीं, बल्कि कानून को खुली चुनौती थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई… बल्कि यहीं से शुरू हुआ पुलिस का असली खेल।
ऑपरेशन ‘रिवाल्वर रिकवरी’ का खुलासा
घटना के बाद पुलिस ने इलाके को जैसे जाल में बदल दिया। मुखबिरों की सूचना, लगातार दबिश और तकनीकी जांच के दम पर आखिरकार तीन आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
पूछताछ में आरोपियों ने जो कबूला, उसने पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया—
👉 हमला प्लानिंग के तहत किया गया था।
👉 चौकी प्रभारी को निशाना बनाकर रिवाल्वर लूटी गई।
👉 वारदात में इस्तेमाल बाइक भी ट्रेस कर ली गई।
👉 सबसे बड़ी बात—लूटी गई सर्विस रिवाल्वर भी पुलिस ने बरामद कर ली।
गिरोह का कनेक्शन आया सामने
पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी एक बंजारा गिरोह से जुड़े हैं, जो इलाके में घूम-घूमकर चोरी और अन्य अवैध गतिविधियों को अंजाम देता रहा है।
यानि ये सिर्फ एक हमला नहीं था, बल्कि एक संगठित गैंग की सोची-समझी चाल थी।
अभी बाकी है पूरा पर्दाफाश
फिलहाल तीन आरोपी सलाखों के पीछे हैं, लेकिन कहानी अभी अधूरी है। गिरोह के बाकी सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
संदेश साफ है…
कानून पर हाथ डालने वालों को ज्यादा देर छुपने का मौका नहीं मिलता।
सरई चौकी पर हमला करने वाले भले कुछ वक्त के लिए बच निकले हों, लेकिन पुलिस ने साबित कर दिया—
👉 “वार कितना भी बड़ा हो, जवाब उससे बड़ा ही मिलेगा।”
अगर चाहें तो इसे और ज्यादा “तंज भरे” या “धमाकेदार हेडलाइन स्टाइल” में भी बदल सकता हूँ
