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जनता के बीच पहुंची पुलिस, मिला प्रदेश का सर्वोच्च सम्मान


देवास पुलिस की पहल को मिला सीएम एक्सीलेंस (इनोवेशन) अवार्ड

देवास। सामुदायिक पुलिसिंग को नई दिशा देने वाली देवास पुलिस की अभिनव पहल “पुलिस चौपाल” ने प्रदेश स्तर पर अपनी प्रभावशीलता साबित कर दी है। वर्ष 2025 के लिए इस पहल को प्रतिष्ठित सीएम एक्सीलेंस (इनोवेशन) अवार्ड से सम्मानित किया गया, जो मध्यप्रदेश पुलिस के लिए गर्व का क्षण है।

यह सम्मान 21 अप्रैल को आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय सिविल सेवा दिवस समारोह-2026 के दौरान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा सहित कई वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी मौजूद रहे।

ऐसे बनी “पुलिस चौपाल” एक मजबूत मॉडल
देवास पुलिस द्वारा शुरू की गई “पुलिस चौपाल” पहल केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर आधारित स्मार्ट पुलिसिंग का सशक्त मॉडल बनकर उभरी है। इस पहल के तहत गांव-गांव जाकर पुलिस ने आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया, उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए। 01 नवम्बर 2024 से 28 फरवरी 2026 के बीच आयोजित 2807 पुलिस चौपालों में करीब 94 हजार से अधिक नागरिकों को जागरूक किया गया। यह आंकड़ा इस अभियान की व्यापकता और प्रभाव को दर्शाता है।

तकनीक और जनसहयोग से मजबूत हुआ सुरक्षा तंत्र
“ऑपरेशन त्रिनेत्रम” के तहत लगभग 10 हजार CCTV कैमरे स्थापित कर 46 ग्राम पंचायतों और 2 नगर पंचायतों को पूर्ण निगरानी दायरे में लाया गया। इससे अपराध नियंत्रण में बड़ी मदद मिली और सुरक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत हुई।

सायबर अपराध पर भी कसा शिकंजा
पुलिस चौपाल के माध्यम से चलाए गए सायबर जागरूकता अभियान ने भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
214 संभावित डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं को रोका गया
ठगी के मामलों में लगभग 2.14 करोड़ रुपए की राशि वापस कराई गई। साथ ही, लगभग 1100 व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर 22 हजार युवाओं को जोड़ा गया, जिससे सूचना तंत्र तेज हुआ और अपराधों के खुलासे में तेजी आई।

अपराधों में आई गिरावट, भरोसा हुआ मजबूत
इस पहल के सकारात्मक असर से जिले में हत्या, हत्या के प्रयास, छेड़छाड़ और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी दर्ज की गई है। चोरी की घटनाएं भी घटी हैं, जबकि संपत्ति संबंधी अपराधों में रिकवरी दर बढ़ी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास और सहयोग का रिश्ता और मजबूत हुआ है।

सम्मानित हुए अधिकारी
इस उपलब्धि के लिए देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत और प्रधान आरक्षक शिवप्रताप सिंह सेंगर को संयुक्त रूप से 1 लाख रुपए, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

गरिमामयी से समापन 
कार्यक्रम का समापन मध्यप्रदेश पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की गरिमामयी प्रस्तुति के साथ हुआ। “पुलिस चौपाल” अब एक ऐसी मिसाल बन चुकी है, जिसे अन्य जिलों में भी अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

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