पाए सभी खबरें अब WhatsApp पर Click Now

“नोटिस पर नोटिस, फिर भी नहीं खाली हुआ मकान—पुलिस अधिकारी की कार्यशैली कटघरे में”

🔸 दो साल बाद भी नहीं छोड़ा सरकारी आवास..! 
🔸 नोटिस के बावजूद जारी रहा उपयोग..! 
🔸 दूसरे जिले में भी ले रहे आवास का लाभ..! 
🔸 विभागीय कार्रवाई की कब होगी तैयारी..! 
 🔸गोपनीय शाखा के DSP योगेश चोकर के जलवे..! 

कहते हैं सरकारी नौकरी में सुविधा कम और जिम्मेदारी ज्यादा होती है… लेकिन कुछ लोग इस धारणा को पूरी शिद्दत से गलत साबित करने में लगे हैं।
मामला ऐसा है कि साहब का ट्रांसफर हो गया, कुर्सी बदल गई, जिला बदल गया… पर सरकारी मकान से मोह नहीं छूटा।
सिंगरौली का आवास भी “अपना” और शहडोल में नया आवास भी “अपना”—
यानी सरकारी सिस्टम में “डबल इंजन” नहीं, “डबल मकान” मॉडल चल रहा है।
अब नियम क्या कहते हैं, यह फाइलों में अच्छा लगता है।
जमीनी हकीकत यह है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो नोटिस भी सिर्फ कागज का टुकड़ा बनकर रह जाता है।

भोपाल। शहडोल जिले के पुलिस विभाग की गोपनीय शाखा में पदस्थ एक अधिकारी पर सेवा नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार संबंधित अधिकारी द्वारा स्थानांतरण के दो वर्ष बाद भी पूर्व पदस्थापना स्थल सिंगरौली में आवंटित शासकीय आवास को खाली नहीं किया गया, जिससे विभागीय अनुशासन पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

दो वर्ष बाद भी आवास पर बना रहा कब्जा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित अधिकारी जब सिंगरौली जिले की विशेष शाखा में निरीक्षक पद पर पदस्थ थे, उस दौरान उन्हें एनटीपीसी विन्ध्यनगर परिसर में आवास (Type-2/04/TTS) आवंटित किया गया था।
शहडोल स्थानांतरण के उपरांत भी उक्त आवास को रिक्त नहीं किया गया तथा परिवार द्वारा उसका उपयोग जारी रखा गया।

पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी हुआ नोटिस
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सिंगरौली द्वारा दिनांक 30 सितंबर 2024 को नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर आवास खाली करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया था कि अनाधिकृत रूप से आवास पर कब्जा बनाए रखना विभाग की छवि को प्रभावित करता है तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

निर्देशों के बावजूद नहीं हुआ पालन
सूत्रों के अनुसार उक्त नोटिस के बाद भी संबंधित अधिकारी द्वारा आवास खाली नहीं किया गया। यह भी जानकारी सामने आई है कि अधिकारी वर्तमान में शहडोल में पदस्थ रहते हुए वहां भी शासकीय आवास का उपयोग कर रहे हैं।

शहडोल से भी जारी हुआ निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय शहडोल द्वारा 5 नवंबर 2024 को पुनः निर्देश जारी कर आवास शीघ्र खाली करने एवं नोटिस की प्राप्ति की पुष्टि 5 दिवस के भीतर देने के निर्देश दिए गए हैं।

नोटिस महज फॉर्मलटी
दस्तावेजों के अनुसार मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाते हुए विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रतिवेदन भेजे जाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार का आचरण सेवा नियमों के विपरीत होने के साथ-साथ विभाग की छवि को भी प्रभावित करता है। लेकिन कार्यवाई फिर क्यो नही हुई। क्या नोटिस के बाद
 कागजी दस्तावेज के बाद कार्यवाई पर रोक लगा दी गई। 




Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.