विदिशा | स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने साफ चेतावनी दी है कि टीकाकरण में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी—जो भी लापरवाही करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
कलेक्ट्रेट के बेतवा सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा करते हुए दोनों विभागों को “टीम बनकर काम करने” का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि डेटा शेयरिंग, नियमित बैठकें और ग्राउंड लेवल मॉनिटरिंग से ही लक्ष्य हासिल होगा।
टीकाकरण पर फोकस, एक भी लाभार्थी न छूटे
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि टीकाकरण अभियान को मिशन मोड में चलाया जाए। खासतौर पर एचपीवी टीकाकरण में छूटी किशोर बालिकाओं को चिन्हित कर उनका टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि “कोई भी हितग्राही वंचित नहीं रहना चाहिए—यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।”
एंबुलेंस व्यवस्था और शव वाहन पर सख्त निर्देश
बैठक में 108 एंबुलेंस सेवा को लेकर भी कलेक्टर सख्त दिखे। उन्होंने कहा कि कॉल मिलते ही समय पर मरीज तक पहुंचना अनिवार्य हो, साथ ही अस्पताल पहुंचाने में कोई देरी न हो।
अटल बिहारी वाजपेई शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के बाहर दो शव वाहन तैनात रखने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को परेशानी न हो। साथ ही प्राइवेट एंबुलेंस की मनमानी वसूली पर लगाम लगाने के लिए आरटीओ को जांच के निर्देश दिए गए।
संजीवनी क्लिनिक और आयुष्मान कार्ड पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक की जानकारी हर नागरिक तक पहुंचे, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ ले सकें। आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्यों की समीक्षा करते हुए लक्ष्य पूर्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए। मेडिकल स्टोर्स पर नजर, नशीली दवाओं पर सख्ती
ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए गए कि जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच हो और रिपोर्ट हर माह प्रस्तुत की जाए।
कलेक्टर ने साफ कहा—“जिले में कहीं भी नशीली दवाओं की बिक्री नहीं होनी चाहिए, अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई करें।”
बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि बीमार बच्चों की पहचान कर उनका फॉलोअप लगातार किया जाए, ताकि कोई भी बच्चा इलाज से वंचित न रहे।
साथ ही गंभीर एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन और लंबित भुगतान मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश भी दिए।
कुल मिलाकर संदेश साफ है:
स्वास्थ्य सेवाओं में अब “ढिलाई नहीं, सिर्फ परिणाम” का दौर चलेगा। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने प्रशासनिक अमले को स्पष्ट संकेत दे दिया है कि काम में कोताही अब सीधे कार्रवाई में बदलेगी।
