➡️ न्यायालयीन फैसले, विभागीय जांच और यम्मी स्पाइसी विवाद—एएसपी अभिषेक दीवान के कार्यकाल से जुड़े कई सवाल....!
➡️ पुराने मामलों की फाइलें खुलीं तो वर्तमान पुलिसिंग भी सवालों के घेरे में, RTI से मांगे गए अहम दस्तावेज...!
➡️ यम्मी स्पाइसी विवाद में पुलिस कार्रवाई पर सवाल, CCTV से मेडिकल रिपोर्ट तक जांच की निष्पक्षता पर उठी उंगली...!
➡️ राजनीतिक दबाव के आरोपों से लेकर कथित अवैध कारोबारियों से संपर्क तक, अभिषेक दीवान के मलाईदार जलवे ...!
➡️दाल में कुछ काला है या आरोपों का सच कुछ और? दस्तावेज आने के बाद होगा खुलासा....!
➡️दो साल की पदस्थापना, पुराने विवाद और नई शिकायतें—क्या अब PHQ करेगा पूरे मामले की समीक्षा?
➡️सजा, अपील में दोषमुक्ति, निलंबन और बहाली से लेकर शहडोल के विवाद तक—कई सवालों के जवाब अभी बाकी....!
Mahfooz khan:-
भोपाल। अरे सुन लो शहडोल वासियों शहडोल जिले में जिस तरह अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वाले पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना हो जाती हैं, तो जिला कंगाल होने लगता है। क्योंकि इस समय के मौजूदा हालात को देखते हुए हर अधिकारी अपने मौके के तलाश में रहता है। शहडोल जिले में विगत 2 वर्षों से पदस्थ एडिशनल एसपी अभिषेक दीवान की पुलिस मुख्यालय समेत पुलिस विभाग में कोई अच्छी छवि नहीं है। शहडोल आने से पहले पुलिस मुख्यालय भोपाल में सजा के तौर पर नौकरी काट रहे थे। लेकिन संघ या किसी सत्ताधारी दरबार पर नमस्कार करके अपनी पदस्थापना करवा ली गई थी! जब शहर सूत्र की टीम ने कल पुलिस मुख्यालय भोपाल (PHQ) जाकर प्रशासन शाखा एवं गोपनीय शाखा में पदस्थ वरिष्ठ IPS अफ़सरों से एडिशनल एसपी अभिषेक दीवान की शहडोल कार्यकाल और उनके पुराने कारनामें पर (exclusive) बातचीत किया गया तो उनके होश उड़ गये! फिर वरिष्ठ IPS अफ़सरान ने यह भी कहा कि खरगोन उप पुलिस महानिरीक्षक IPS सिमाला प्रसाद के पति होने के कारण शायद सिमाला के बैकिंग होने के वजह से तो फायदा नहीं मिल रहा है। क्योंकि उनकी छवि अच्छी है और वरिष्ठ अधिकारी उन्हें पसंद भी करते हैं! लेकिन इस बात की तहकीकात की गई तो इस बात कि पुष्टि नहीं हो पाई लेकिन शहडोल में किए कारनामें पर वरिष्ठ अफसरों ने चिंता जतायी है ! और उन्होंने यह भी पूछा कि कितने समय से वहां पदस्थापना है, तो शहर सूत्र ने उनका कार्यकाल बताया तो वरिष्ठ IPS अफसर ने आश्वासन दिया कि पुलिस महानिदेशक साहब के समक्ष इस मसले को संज्ञान में लाते हैं, और वहां से हटा दिया जायेगा। मसला क्या है वह भी आप लोग जान लीजिए! हम सार्वजानिक रूप से अभी इस ख़बर में पूरा साक्ष्य नहीं रखेंगे और न ही प्रमाण देंगे और न तो आरोप लगा रहे हैं लेकिन हाँ हम जो ख़बर में दिखा रहे वो बातें एक दम सही साबित होगी अगर वास्तव में वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा संज्ञान लिया जायेगा।
कहानी बड़ोदा की लेकिन बुरहानपुर में सस्पेंशन
बुरहानपुर में वर्ष 21-22 में एडिशनल एसपी के तौर पर पदस्थ रहे तभी श्योपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सौरभ सिंह की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने 6 से 7 वर्ष के बाद जब अभिषेक दीवान बड़ोदा के SDOP थे तब एक आरोपी को दर्दनाक तरीके मारपीट कराये थे उसी मामले पर तत्कालीन SDOP के रूप में दोषी माना है। कोर्ट ने अभिषेक दीवान को आरोपी मानते हुए 6 महीने की सजा सुनाई। साथ ही, आरोपी को 1 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। जुर्माना न भरने पर एक महीने का कारावास अलग से भुगतना पड़ेगा। ऐसा न्याय पालिका का निर्णय आया था! उसके बाद शासन भी तत्काल हरक़त में आयीं और बुरहानपुर में एडिशनल एसपी रहते हुए सस्पेंड कर दिया था और विभागीय जाँच शुरू कर दी गई थी! विभागीय जांच में किस अफसर ने कब और क्या जाँच की थी वह तो शहर सूत्र ने पुलिस मुख्यालय में सूचना के अधिकार लगाकर जानकारी मांगी है वह जानकारी आने के बाद ही हम उसमे कुछ कह पाएंगे लेकिन हाँ यह बात स्पष्ट होती हैं कि जाँच प्रभावित की गई है। जिसके बाद दीवान को बहाल करके सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG-CID) पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया था। अब यह भी कह पाना जल्द बाजी होगी कि जाँच के दौरान ही बहाल कर दिया गया था या फिर जाँच पूर्ण होने के बाद बहाल किया गया था। इस बिंदु पर RTI से जानकारी आने के बाद ही पुष्टि की जा सकती हैं,अभी कुछ भी कह देना जल्दबाजी हो जायेगी।
26 जुलाई को yammi spicy विवाद, सामान्य से घटना पर FIR और फर्जी मेडिकल बनवाकर बढ़ा दी गई धाराएं
शहडोल जिले के थाना क्षेत्र सोहागपूर 26 जुलाई को दरम्यानी रात्रि 9 से 10 बजे के समीप यम्मी स्पाइसी नाॅन वेज रेस्टोरेंट में पार्सल लेने आकाश पाठक नामक युवक शराब के नशे में आया, और पार्सल लेकर वापस जा रहा था। तब ही बड़े रौब से कार में बैठा और शहर के बीच में रेस्टोरेंट के बाहर खड़े राहगीरों के बीच से स्पीड में गाड़ी निकाला तो गाड़ी के चक्का से पत्थर एक युवक को लगा तो उसने आपत्ति जताई और सही तरीके से गाड़ी चलाने की हिदायत दी, लेकिन आकाश पाठक तो शराब के नशे में रहा तो उसे ये बात नागवार गुजरी और उसी वक्त आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग करते हुए अनावश्यक रूप से गाली गलौज किया और जिले के कुख्यात गुंडा- मवालियों को फोन करके बुलाया और और वहाँ मौजूद युवकों के साथ गाली गलौज किया और मारपीट करवायें। उसके पश्चात थाना स्तर की पुलिस काफी लेट पहुंची तब तक माहौल खराब हो चुका था। उसके बाद थाना सोहागपूर और कोतवाली के थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और मामला को समझते ही तत्कालीन कलेक्टर केदार सिंह के विदाई समारोह पार्टी से लौटते समय रास्ते पर ही भीड़ तंत्र देखकर कलेक्टर और एसपी रुक गए और मामले को समझते ही घटना स्थल का निरीक्षण किया और मामले को कंट्रोल करते हुए cctv DVR निकाल लिया गया और मामले को जांच में ले लिया गया। मजे की बात यह है कि घटना सोहागपुर की लेकिन 0 टाइप में आकाश पाठक के तरफ़ से FIR कोतवाली में दर्ज करवाई गई। इस मामले में ट्विस्ट यह है कि कोतवाली थाने में दर्ज किया गया मामला में यह आकाश पाठक के तरफ से बताया गया कि भीड़ तंत्र आ गई और मेरे साथ मारपीट की है जबकि झगड़ा कुछ लोगों में हुआ और दोनों पक्षों के तरफ से अपराध दर्ज करके दोनों पक्षों को शांत करवा दिया गया, उसके बाद आकाश पाठक उनके पिता प्रवीण पाठक ने 3 दिन ग़ज़ब का षडयंत्र रचा और हिंदू मुश्लिम जैसे माब लिंचिंग का माहौल बनाया और कुछ मीडिया वाले को सेट करके सोशल मीडिया एवं अखबारों के माध्यम से शहर में माहौल खराब कराया गया उसके बाद संघ ने इस मामले को संज्ञान में लिया और फिर एडिशनल एसपी अभिषेक दीवान सरस्वती स्कूल पहुंचे संघ के पदाधिकारियों से इस मसले पर बात-चीत करने और संघ को इन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला और भाजपा जिला अध्यक्ष से फोन एसपी साहब को करवा दीजिए तो कार्यवाई मजबूती के साथ हो जायेगी। फिर जब संघ के कहने पर इन राजनेताओ का फोन आया तो एसपी दबाव में आ गए और एक पक्षीय कार्यवाई करने के लिए पुलिस मजबूर हो गई। आकाश पाठक के द्वारा आरोप लगाया कि भीड़ तंत्र आ गई और मारपीट करने लगी जबकि ऐसा कुछ भी वीडियो और फुटेज मे नही दिखा। जब झगड़ा हो रहा था तब वहां पर भीड़ एकत्रित हो गई थी, और इन राजनेताओं के दबाव में और एडिशनल एसपी के सुनियोजित प्लान में भीड़तंत्र को भी फर्जी तरीके से आरोपी बना दिया गया है। और आरोपी इसलिए बना दिया गया है कि क्योंकि वहां पर मुश्लिम बाहुल्य इलाका है और अधिकांश भीड़ मुस्लिमों की थी यही वजह से पुलिस आरोपी बनाने में कामयाब होते नजर आ रही है। न ही फुटेज देखा गया न ही पड़ताल की गई और फरियादी के कहने पर नामित करते हुए सभी को आरोपी बना दिया गया। 4 दिन बाद पुनः आकाश पाठक को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया और डॉक्टर से साठगांठ करके नाक की हड्डी टूटने की मैक्सिला रिपोर्ट बनवा लिया गया उसी आधार पर BNS की धारा 326 लगवा दी गई है। जिसमें कई बेकसूर लोगों को हताहत किया जा रहा है।
अभिषेक दीवान के SDOP शिप बड़ोदा की कहानी का यह मंजर
मामला यह था कि वर्ष 2010 में जब अभिषेक दीवान श्योपुर जिले में बड़ाैदा एसडीओपी के रूप में पदस्थ थे, तब उनके खिलाफ पूरण लाल पुत्र हजारीलाल मीणा निवासी सिरसौद ने न्यायालय में परिवाद दायर किया था। परिवाद में पूरण लाल मीणा ने उल्लेख किया था कि खूजरा पुत्र गोबरिया आदिवासी निवासी सिरसोद के द्वारा पूरण लाल व उसके परिवार के लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित अन्य कई धाराओं में आवदा थाने में मामला दर्ज कराया था।
इस मामले में तत्कालीन एसडीओपी बड़ौदा अभिषेक दीवान ने पूरण लाल को थाने बुलाकर उसकी मारपीट कर दी थी। मामले में श्योपुर के प्रथम श्रेणी न्यायालय ने दिसंबर 2021 में तत्कालीन एसडीओपी अभिषेक दीवान को छह माह का सश्रम कारावास और दो हजार के जुर्माने की सजा सुना दी थी। इस फैसले के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की। जिस पर सुनवाई करते हुए श्योपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने एएसपी एवं तत्कालीन एसडीओपी बड़ौदा अभिषेक दीवान को दोष मुक्त कर दिया है।
कोयला माफियाओं से एएसपी अभिषेक दीवान की सांठगांठ
इंटेलीजेंस विभाग को तत्काल संज्ञान लेकर एएसपी अभिषेक दीवान का मोबाईल नंबर 99779 72224 को सर्विलांस में डालकर निगरानी रखनी चाहिए और whatsapp कंपनी से कॉल डिटेल्स मंगवाई जानी चाहिए जिससे पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी कि हकीकत क्या है.. अभी हम तो सुनी सुनाई के रूप में आपको यह अवगत कराने जा रहे हैं जिसकी पुष्टि अभी नहीं लेकिन अगली ख़बर में जरूर तथ्य सामने लाएँगे लेकिन अभी इतना कहा जा रहा है कि जांच अगर इस तरह से वरिष्ठ अधिकारी करेंगे उनकी ईच्छा होगी तो सारी कहानी खुलकर सामने आ जाएगी क्योंकि दाल में काला ज़रूर है। सिर्फ इतना कहना काफी है जो कोयला का अवैध कारोबार करते हैं, बूढ़ार निवासी जो पूरा मैनेजमेंट देखते हैं उनसे अभिषेक दीवान की निरंतर बातचीत होती हैं। अगली खबर में अभिषेक दीवान और कहानी शहर सूत्र में दिखाने जा रहा है। पढ़ना ज़रूर
